Monday, March 16, 2026

धर्मांतरण और शराब के मुद्दे पर सदन में हंगामा:MLA ने लखमा से पूछा-10 पेटी शराब बाइक में आ जाएगी, मंत्री के जवाब पर हंगामा

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीत सत्र के दूसरे दिन धर्मांतरण के मुद्दे पर जमकर हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई। नारायणपुर की घटना को लेकर बीजेपी सदस्यों ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए वेल पर आकर नारेबाजी करने लगे। जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। भाजपा नेता बाहर आकर भी नारेबाजी करते रहे।

इससे पहले प्रश्नकाल में पक्ष-विपक्ष के नेताओं के बीच सवाल-जवाब हुए। इस दौरान DMF फंड में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर भाजपा ने हंगामा किया। इस पर मंत्री उमेश पटेल को विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने जांच कराने के निर्देश दिए। इसके बाद कांग्रेस विधायक के सवाल पर मंत्री कवासी लखमा उलझ गए। विपक्ष ने भी हंगामा शुरू कर दिया और प्रश्नकाल इसी हंगामे के बीच खत्म हुआ।

सबसे पहले सदन के माहौल की गर्मी 33 करोड़ के फंड के गलत उपयोग के आरोपों ने बढ़ा दीं। भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि DMF 33 करोड़ रुपयों से रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाने थे, इसमें उन्होंने राशि के गलत उपयोग का आरोप लगाया। जवाब में मंत्री उमेश पटेल ने बताया कि 3 साल में 33 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। भाजपा की ओर से कहा गया कि जांजगीर जिले में प्रशिक्षण पर रुपए खर्च नहीं किए गए।