Wednesday, May 6, 2026

काेरबा/ कुसमुंडा डंपिग क्षेत्र में दिखे तेंदुआ, आबादी क्षेत्र तक न पहुंचे, इसलिए ट्रक ड्राइवरों ने झाड़ी में लगा दी आग

knn24news/ एसईसीएल दीपका और गेवरा क्षेत्र में एक महीने से घूम रहे तेंदुए अब कुसमुंडा डंपिंग यार्ड में नजर आए। आबादी क्षेत्र में तेंदुए न पहुंचे इसलिए गुमटी और ट्रक चालकाें ने झाड़ी में लगा दी। कुछ देर बाद पुलिस और वन विभाग की टीम भी पहुंची, लेकिन कुछ नजर नहीं आया। वन विभाग एहतियात बरतते हुए निगरानी करा रहा है। तेंदुआ आने की खबर के बाद क्षेत्र में दहशत है। एसईसीएल गेवरा के वर्कशाॅप के पास सबसे पहले पिछले महीने तेंदुए काे घूमते देखा गया था। इसके बाद बतारी के इंडस पब्लिक स्कूल के बाउंड्रीवाल में दुबका मिला।

एक वृद्ध काे तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद दीपका क्षेत्र में भी नजर आया। समय-समय पर रात के समय तेंदुए काे देखने की जानकारी मिलती रही है। रविवार रात कुसमुंडा डंपिंग यार्ड में गुमटी में काम करने वाले व ड्राइवराें ने दाे तेंदुए काे घूमते देखा। तेंदुए के शावक भी हैं। इसकी भी वन विभाग पुष्टि कर चुका है। ड्राइवर तेंदुए काे देखकर डर गए और पास की झाड़ी में आग लगा दिए, जाे सुबह तक जलता रहा। डंपिंग यार्ड में दिनभर भारी वाहनाें की आवाजाही रहती है। जब पुलिस के साथ ही वन विभाग के डिप्टी रेंजर सूर्यवंशी लाल डडसेना पहुंचे, ताे वहां कुछ नहीं मिला।

जिले के पाैधराेपण क्षेत्र अब बन चुके हैं जंगल
एसईसीएल कुसमुंडा, गेवरा, दीपका के पाैधराेपण क्षेत्र अब जंगल बन चुके हैं, जाे आपस में जुड़े हुए भी हैं। घना जंगल हाेने से यहां जंगली-जानवर समय-समय पर नजर आते हैं। भालू, लकड़बग्घा, सियार काे घूमते कई बार देखा गया है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ भी इस क्षेत्र में पहले से ही आता है।

तेंदुआ हाेने की पुष्टि नहीं करा रहे निगरानी: रेंजर
वन परिक्षेत्र कटघाेरा के रेंजर अशाेक मन्नेवार का कहना है कि कुसमुंडा क्षेत्र में तेंदुआ आने की पुष्टि नहीं हाे पायी है। मैं स्वयं भी गया था। हाे सकता है पहले आया हाेगा। इसके बाद भी वन अमले काे निगरानी के लिए लगाया गया है।