Monday, April 27, 2026

‘देवदूत’ की तलाश में दिव्यांग : टूटा दुखों का पहाड़, बैटरी वाली ट्राय सायकल ही बनी मुसीबत

गरियाबंद। घूमरगुड़ा पंचायत के ऊपर पारा में रहने वाले 30 वर्षीय ओम प्रकाश प्रधान को मदद की दरकार है. जन्मजात दिव्यांग ओम 5 माह पहले समाज कल्याण विभाग से मिले मोटराइज ट्राय सायकल को चार्ज कर रहा था, चार्जिंग बॉक्स को उठाते ही जोरदार करंट लगा, करंट के झटके ने जमीन पर ऐसा पटका की दिव्यांग के बांये जांघ की हड्डी क्रेक हो गई. इसी टूटे हड्डी के साथ पिछले नौ दिनों से पीड़ित परिवार मदद की आस में बैठा है.

घटना 15 सितंबर की थी, घटना के बाद 108 के सहारे देवभोग अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टर ने करेंट के उपचार के साथ ही टूटी हड्डी का प्राथमिक इलाज कर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. लेकिन परिवार में कोई पुरुष सदस्य अटेंड के लिए नहीं होना बता कर जिला अस्पताल या फिर उच्च अस्पताल नहीं गए. बूढ़ी मां और पत्नी मिथूला घर पर ही रह कर पीड़ित की देखभाल कर रहे हैं. पीड़ित ने बताया की उसका आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड खो गया है, इसके अभाव उसे ऊपर इलाज नहीं मिलेगी इसकी भी उसे आशंका है.

परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और इंदिरा आवास में रहते हैं. महिला सदस्य की मजदूरी ही इनके आय का स्रोत है. हालात से पूरा गांव वाकिफ है लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है. पीड़िता की पत्नी मिथुला ने कहा कि मैं अकेली महिला उठा नहीं सकती, लाने ले जाने के लिए कोई मदद मिला तो ही बाहर अस्पताल जा पाएंगे. इलाज में खर्च के लिए फूटी कौड़ी नहीं है, ना ही जरूरी दस्तावेज हैं. ऐसे में रात दिन दर्द से कराह रहे पति को घरेलू उपचार के जरिए राहत देने की कोशिश हो रही है.

को मदद की आवश्यकत है, उसकी मदद के लिए इस मोबाइल नंबर +918629976035 पर संपर्क कर सकते हैं.

बीएमओ डॉक्टर प्रकाश साहू ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सारा उपचार दिया गया है. उन्होंने कहा फॉलोअप लेंगे, मोबाइल नंबर के जरिए जरूरी दस्तावेज निकाल लिया जाएगा. अगर अटेंडर की समस्या आ रही होगी तो एसडीएम से पत्राचार कर अटेंडर के लिए आग्रह किया जाएगा. पीड़ित का हड्डी क्रैक है, उन्हें उच्च अस्पताल से ही उचित उपचार मिल पाएगा.