काेरबा एरिया के सेंट्रल वर्कशाॅप में पूरे एसईसीएल के 13 क्षेत्राें में सबसे ज्यादा महिला कर्मचारी पदस्थ हैं। यहां कुल मेन पावर 426 में से 86 महिला कर्मचारी हैं। इनमें इंजीनियर व महिला कार्मिक अधिकारी भी शमिल हैं। वर्कशॉप में महिलाएं सीधे प्रोडक्शन के लिए सर्विस से जुड़ी हुई हैं, जो स्ट्रक्चरल, ट्रांसमिशन शॉप, डंपर, ट्रक इंजन, फाउंड्री, इलेक्ट्रिकल, मोटर व ट्रांसफार्मर बाइंडिंग, लेथ व ड्रील मशीन चलाने, हैवी रिपेयर गियर बाॅक्स, बाकेट में सुधार जैसा कठिन काम तक कर रही हैं।
वर्कशाॅप के एसटीआर सेक्शन में त्रिवेणी बाई जैसे कई महिला कर्मचारी हैं जाे यहां पिछले 16 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रही हैं। औद्याेगिक नगरी में कोयला व बिजली उत्पादन के साथ ही इससे जुड़े कई अन्य सेवा क्षेत्र भी हैं। जहां महिलाएं आज अपनी काबिलियत का दम दिखा रही हैं।
महिलाएं किसी काम में पीछे नहीं हैं: बीरु सिंह
सेंट्रल वर्कशाॅप की महिला क्षेत्रीय कार्मिक अधिकारी बीरु सिंह ने कहा कि महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। काेल प्राेडक्शन के लिए भी सेवा क्षेत्र में आज महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी है। वह खुद भी सेंट्रल वर्कशाॅप की पहली क्षेत्रीय महिला कार्मिक अधिकारी के ताैर पर यहां जिम्मेदारी संभाल रही है, अपनी काबिलियत के दम पर ही महिलाओं ने सबको पीछे छोड़ दिया है।











