Sunday, May 10, 2026

भुट्टा चौक हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, 7 दिन में विशेष ऑडिट की मांग

कुसमुंडा, 10 मई 2026। कुसमुंडा क्षेत्र के भुट्टा चौक में शनिवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में कर्मचारी दुखीराम की ट्रेलर की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि सड़क पर बने विशाल गड्ढों के कारण यह दुर्घटना हुई।

 

घटना के बाद कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) के क्षेत्रीय सुरक्षा समिति सदस्य मनीष सिंह ने क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी, एसईसीएल कुसमुंडा को पत्र लिखकर तत्काल विशेष सुरक्षा ऑडिट और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि यह हादसा सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर विफलता का परिणाम है।

 

पत्र में आरोप लगाया गया कि कोल माइंस रेगुलेशन (CMR) के तहत प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है कि खदान और आसपास के पहुंच मार्ग सुरक्षित और आवागमन योग्य हों, लेकिन भुट्टा चौक की सड़क लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों के लिए एक ही खराब मार्ग का उपयोग सुरक्षा मानकों के विपरीत बताया गया है।

 

मनीष सिंह ने यह भी कहा कि प्रबंधन द्वारा प्रति शिफ्ट 4-5 कर्मचारियों की ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नियुक्ति की जाती है, लेकिन हादसे के समय उनकी भूमिका और मौजूदगी की जांच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क की खराब स्थिति और जानलेवा गड्ढों की जानकारी पहले भी कई बार लिखित और मौखिक रूप से प्रबंधन को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

 

कोयला मजदूर सभा ने मांग की है कि कुसमुंडा क्षेत्र के सभी मार्गों का तत्काल विशेष सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और भारी वाहनों व कर्मचारियों के वाहनों के लिए सुरक्षित पृथक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आगामी 7 कार्य दिवसों के भीतर सड़क मरम्मत और प्रारंभिक सुधार कार्य पूरा कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।

 

इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि क्षेत्रीय महाप्रबंधक, महाप्रबंधक (खनन), खान सुरक्षा अधिकारी तथा रोड सेल के नोडल अधिकारी को भी भेजी गई है।

 

हादसे के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क मरम्मत और सुरक्षा प्रबंधन पर ध्यान दिया जाता, तो एक कर्मचारी की जान बचाई जा सकती थी।