Sunday, August 23, 2026

महाराष्ट्र में 18 मंत्रियों ने ली शपथ:भाजपा और शिंदे गुट से 9-9 मंत्री बने; मंत्रिमंडल में लोढा सबसे अमीर, CM सबसे कम पढ़े-लिखे

एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के 39 दिन बाद मंगलवार को महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल का गठन हो गया। मंत्रिमंडल विस्तार में 50-50 का फार्मूला रहा। दोनों ओर से 9-9 विधायक मंत्री बनाए गए। सबसे पहले भाजपा के राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मंत्री पद की शपथ ली। नए मंत्रिमंडल में भाजपा के प्रभात लोढा सबसे अमीर हैं, जबकि मुख्यमंत्री खुद सबसे कम 10 पास हैं।

नए मंत्रियों में से 70% दागी, सभी के सभी करोड़पति
शिंदे की नई टीम में सभी के सभी मंत्री करोड़पति हैं। इसमें सबसे ज्यादा संपत्ति मालाबार हिल्स सीट से भाजपा विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा के पास है। वहीं, सबसे कम यानी 2 करोड़ की प्रॉपर्टी पैठान सीट से विधायक संदीपन भुमरे के पास है। कैबिनेट में 12 ऐसे मंत्री हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कुछ पर गंभीर धाराएं भी लगी हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, मुख्यमंत्री शिंदे पर 18 और उप मुख्यमंत्री पर 4 क्रिमिनल केस दर्ज हैं।

सीएम सबसे कम पढ़े लिखे मंत्री
नई शिंदे कैबिनेट में एक मंत्री 10वीं और 5 मंत्री बारहवीं पास हैं। इसके अलावा एक इंजीनियर, 7 ग्रेजुएट, 2 पोस्ट ग्रेजुएट और एक डॉक्टरेट की उपाधि ले चुके हैं। बीजेपी के विधायक सुरेश खाडे सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे भी 10वीं पास हैं और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ग्रेजुएशन किया है।

मंगल प्रभात लोढा के पास 441 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति
पेशे से बिल्डर मंगल प्रभात लोढा भारतीय जनता पार्टी के सबसे अमीर मंत्री हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 441 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। 6 बार के विधायक लोढ़ा के पास 252 करोड़ रुपए से अधिक की चल संपत्ति और करीब 189 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। विधायक के पास 14 लाख रुपए की एक जगुआर कार, बॉन्ड और शेयर में अन्य निवेश हैं। उनके पास दक्षिण मुंबई में पांच फ्लैट भी हैं। उनका राजस्थान में एक प्लॉट और उनकी पत्नी के पास मालाबार हिल इलाके में एक मकान है। हलफनामे के मुताबिक, लोढ़ा पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।

शिंदे मंत्रिमंडल का गठन होने के बाद इस पर पहली प्रतिक्रिया राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से आई है। पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा- एकनाथ शिंदे ने अपने मंत्रिमंडल में आधी आबादी यानी महिलाओं को जगह नहीं दी है। यह बहुत गलत है। आदित्य ठाकरे के करीबी आनंद दुबे ने भी किसी भी महिला को मंत्री नहीं बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा- सरकार का कहना है- सब का साथ, सबका विकास, लेकिन हमारी आधी आबादी के साथ सौतेला व्यवहार करती है।