कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने महिला नगर सैनिकों के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर सेना कमांडेंट, कोरबा को निष्पक्ष जांच कर दो माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है।
जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लगभग 300 नगर सैनिकों के हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र पर विशेष संज्ञान लिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तत्कालीन कमांडेंट ने महिला नगर सैनिकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अनावश्यक सख्ती बरती।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि घटना के बावजूद आंतरिक परिवाद समिति (ICC) द्वारा कोई जांच शुरू नहीं की गई। इस पर आयोग ने सभी संबंधित महिला नगर सैनिकों और संबंधित अधिकारी के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने तथा दो माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर प्रताड़ना और पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई मामलों की भी सुनवाई की गई। एक मामले में आयोग ने पति को पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह 5,000 रुपये देने का निर्देश दिया।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और प्रभावी कार्रवाई आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आयोग के निर्देशों का पालन करना होगा।










