
knn24news छत्तीसगढ़ के जांजगीर- चांपा जिले में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसे राहुल को बचाने की जद्दोजहद पिछले 43 घंटे से जारी है। 10 साल का यह बच्चा करीब 45 घंटे से 50 फीट गहरे गड्ढे में फंसा हुआ है। वहीं दीवारों से रिस रहा पानी बोरवेल के अंदर भर गया है। उसे निकालने का काम जारी है। खास बात यह है कि बोरवेल में गिरा राहुल अब खुद बाल्टी से पानी भरने में मदद कर रहा है।
बच्चे की इस कोशिश ने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे लोगों की उम्मीदें बना रखी हैं। उसे बचाने के लिए गुजरात से रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर मौके पर पहुंच गए हैं। महेश ने अपने लैपटॉप से रोबोट को कंट्रोल कर नीचे उतारा, लेकिन उसे फिर बाहर निकाल लिया गया। रोबोट से मिली जानकारी के हिसाब से बदलाव किया जा रहा है। कुछ सामान की खरीदारी के लिए बाजार भेजा गया है। इसके बाद फिर से रोबोट को अंदर डाला जाएगा। इसके साथ ही टनल खोदने का भी काम जारी है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर जितेंद्र और राहुल के परिजनों से वीडियो कॉल पर बात की। मुख्यमंत्री ने राहुल की दादी श्यामा बाई को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही उनके बच्चे को सकुशल निकाल लिया जाएगा। CM ने कहा कि ‘तोर नाती ला निकाल लेबो’।
पिहरीद गांव का राहुल अपने घर के पीछे खेलते समय राहुल शुक्रवार दोपहर को बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। तब से उसे बचाने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन, सेना और NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला रखा है। इसमें चट्टानों के चलते खुदाई पर असर पड़ा है। रविवार सुबह बच्चे में हलचल दिखाई दी है। इसके बाद उस तक खाने की सामग्री पहुंचाई गई है। उसे केला और जूस दिया गया है। आसपास के एरिया को लोहे की रॉड लगाकर सील कर दिया गया है।
अब तक 60 फीट से ज्यादा खुदाई की गई
इससे पहले NDRF ने बोरवेल के ठीक बगल में 60 फीट से ज्यादा की खुदाई की है। अब 5 फीट की खुदाई के बाद टनल बनाने का काम शुरू किया जाना था। हालांकि इस खुदाई में एक चट्टान बड़ी बाधा बन गई है। इसके कारण टनल बनाने में देरी हो रही है। मौके पर मौजूद मशीनरी पूरी नहीं पड़ रही है। इसे देखते हुए बड़े रॉक ब्रेकर मंगाए गए हैं। गड्ढे में फंसे बच्चे को नुकसान न हो, इसके लिए खुदाई का काम मैन्युअली किया जा रहा है। स्थिति ठीक होने पर JCB की मदद ली जाएगी। इसके कारण समय लग रहा है। टनल बनाकर उसमें सीमेंट के स्लैब डाले जाएंगे।
नीचे पत्थर और गड्ढे का मुंह चौड़ा होने से राहत
बताया जा रहा है कि बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे का मुंह जरूर छोटा है, लेकिन अंदर से वह चौड़ा हो गया है। वहीं नीचे पत्थर भी लगे हैं। इसके कारण राहुल उसमें अटका हुआ है। संभवत: उसे काफी चोटें भी आई होंगी। इसके बाद भी उसने हिम्मत बांधी हुई है। NDRF की टीम अभी तक उस गड्ढे के बगल में 60 फीट की खुदाई और कर चुकी है। इसमें 3 JCB को नीचे उतारा गया है। देर रात से सुबह तक 10 फीट गड्ढे को और चौड़ा किया गया है।
गुजरात से बुलाए गए रोबोट इंजीनियर
कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला और एसपी विजय अग्रवाल ने राहुल के परिजनों से मुख्यमंत्री की बात कराई है। राहुल के पिता राम कुमार साहू ने सीएम को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है और मदद मांगी है। वहीं कलेक्टर ने सीएम को बताया कि उनके निर्देश पर गुजरात से रोबोट इंजीनियर को बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि इसी रोबोटे के माध्यम से गुजरात में एक बच्चा के सफल रेस्क्यू किया गया था। बातचीत के दौरान जिले के एसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद थे।
कटक और बिलासपुर से पहुंची NDRF टीमें
कटक और बिलासपुर से NDRF की टीम मौके पर हैं। कोरबा,रायगढ़ से भी मशीने देर रात पहुंच गई थीं। आसपास के एरिया में बैरिकेडिंग की है। रात को पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारियों और एम्बुलेंस की टीम को तैनात किया गया है। ऑक्सीजन सिलेंडर अतिरिक्त तौर पर रखा गया है। CCTV से कलेक्टर सहित अधिकारी नजर रखे हुए हैं। रात में बच्चे को खाने के लिए केला, फ्रूटी सहित अन्य खाद्य सामग्री भेजी गई थी। बोरवेल से राहुल की आवाज और उसकी हलचल पूरी तरह सुनाई और दिखाई दे रही है








