कोरबा। छत्तीसगढ़ के हरदी बाजार-दीपका मुख्य मार्ग पर आए दिन हो रहे सड़क हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारी वाहनों, खासकर ट्रेलर चालकों की लापरवाही के चलते यह सड़क अब ‘मौत का रास्ता’ बनती जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग पर रोजाना कोयला परिवहन के लिए भारी वाहनों की आवाजाही होती है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा-दीपका परियोजना से कोयले की ढुलाई के कारण सड़क पर ट्रकों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आते।

विगत दिनों सड़क के डिवाइडर पर मुरुम बिखरा हुआ पाया गया, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही। वहीं हाल ही में एक ट्रेलर चालक ने सराई सिंगर निवासी की तीन भैंसों को टक्कर मार दी थी।
आज सुबह करीब 10:30 बजे एक कार चालक को भी तेज रफ्तार ट्रेलर ने ठोकर मार दी, जिसके बाद घायल को 112 के माध्यम से आपात चिकित्सा के लिए अस्पताल भेजा गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रेलर चालक परिवहन नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हैं। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाह ड्राइविंग के कारण हर दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
लोगों का कहना है कि SECL प्रबंधन केवल कोयला ढुलाई पर ध्यान दे रहा है, जबकि आम लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। सड़क पर न तो पर्याप्त संकेतक हैं, न ही ट्रैफिक नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए गए हैं।
लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह मार्ग और भी खतरनाक साबित हो सकता है।
हरदी बाजार-दीपका रोड पर बढ़ते हादसे साफ संकेत दे रहे हैं कि अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की जरूरत है। सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों की जान जोखिम में डालकर कोयला परिवहन जारी रहेगा?











