रायपुर, 22 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में किसानों और अग्निवीरों के हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए मंत्री-मंडलीय उपसमिति के गठन को मंजूरी दी, वहीं राज्य की तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी।
किसानों के लिए बनेगी मंत्री-मंडलीय उपसमिति
कैबिनेट के फैसले के अनुसार खरीफ और रबी सीजन में किसानों को उर्वरकों की समयबद्ध और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष मंत्री-मंडलीय उपसमिति का गठन किया जाएगा। इस उपसमिति के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री होंगे, जबकि कृषि, सहकारिता और वित्त मंत्री इसके सदस्य रहेंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक होंगे।
यह उपसमिति उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और प्रबंधन की नियमित समीक्षा कर सरकार को आवश्यक सुझाव देगी, ताकि किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े।
अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण
कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर सीधी भर्ती में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
यह व्यवस्था ‘छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026’ के तहत लागू की जाएगी।
इन अग्निवीरों को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार इस आरक्षण का लाभ केवल उन अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की होगी।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से प्रशिक्षित, अनुशासित और दक्ष अग्निवीरों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही पुलिस, वन और जेल विभाग को उनके अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।











