Thursday, September 17, 2026

मोदी के संवैधानिक पद के 25 वर्ष: सेवा संकल्प’ पर सियासत तेज, सरकारी तंत्र के इस्तेमाल पर कांग्रेस का हमला

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) और उनके सार्वजनिक व संवैधानिक पद पर 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी सेवा संकल्प अभियान’ चला रही है। इस अभियान के तहत दीप प्रज्वलन और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि, इस आयोजन को लेकर राजनीति गर्मा गई है। एक ओर जहां भाजपा इसे जनसेवा का उत्सव बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतर आई है।

 

**शासकीय आदेशों पर विपक्ष का तीखा प्रहार**

विपक्ष का मुख्य विरोध इस बात को लेकर है कि राजनीतिक आयोजन के उद्देश्य से प्रशासनिक तंत्र को दिए जलाने व व्यवस्थाएं बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा अपने दलीय कार्यक्रम और नेता के प्रचार के लिए सरकारी तंत्र तथा अधिकारियों-कर्मचारियों का सीधा इस्तेमाल कर रही है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए आम जनता के टैक्स के पैसों और प्रशासनिक अमले को पार्टी के अभियानों में झोंक रही है।

 

**जनता की बेरुखी और राजनीतिक गलियारों में चर्चा**

स्थानीय स्तर पर देखा जा रहा है कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रमों में मुख्य रूप से भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी ही सक्रिय हैं। आम नागरिकों की इस आयोजन से दूरी साफ नजर आ रही है। इस बेरुखी को लेकर जिले और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी मशीनरी के अति-उपयोग और जमीनी मुद्दों से दूरी के चलते आम जनता में असंतोष पनप रहा है। विपक्ष का दावा है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के प्रति जनता का विश्वास अब डगमगाने लगा है, जिसका असर आने वाले समय में देखने को मिल सकता है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने कोरबा की राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी है।