Saturday, August 1, 2026

30 पुलिसकर्मियों के परिवार पर मंडरा रहा खतरा, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

कोरबा /सिटी काेतवाली परिसर स्थित पुलिस काॅलाेनी में जनसुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले 30 पुलिस कर्मियाें के परिवार के सदस्य जान जोखिम में है। दरअसल ज्यादातर परिवार कंडम हाे चुके मकानों में निवासरत है। काॅलाेनी में कंडम मकानाें काे ताेड़कर 60 मकान बनाने का प्रस्ताव पुलिस विभाग ने प्रशासन के पास भेजा है लेकिन अब तक इसपर संबंधित विभाग ने कार्रवाई शुरू नहीं की है। जिले का सबसे पुराना पुलिस काॅलाेनी सिटी काेतवाली परिवार में स्थित है, जहां 80 के दशक में पुलिस परिवार के रहने के लिए मकान बनाए गए थे।

बाद में अलग-अलग थाना बनते गए और वहां पुलिस काॅलाेनी भी बनी। जिला गठन के बाद पुलिस लाइन बनने पर वहां पर सबसे बड़ी पुलिस काॅलाेनी बन गई, लेकिन 40 साल भी काेतवाली काॅलाेनी जस के तस है। मरम्मत नहीं हाेने से धीरे-धीरे कर काॅलाेनी के 48 में से ज्यादातर मकान कंडम हाे चुके हैं।

पुलिस विभाग ने उनमें से 29 मकान काे चिन्हित कर पूरी तरह कंडम घाेषित किया है, लेकिन अब तक इन मकानाें काे नहीं ढहाया गया है। इससे अब भी ऐसे कर्ई मकान में पुलिस परिवार निवासरत है। इसके अलावा कई मकानाें में भी परिवार रह रहे हैं। इस तरह काेतवाली पुलिस काॅलाेनी में खतरे साए में 30 परिवार निवासरत है। अधिकारियाें के मुताबिक जिला प्रशासन व नगर निगम के अधिकारियाें के कई बार काॅलाेनी का निरीक्षण कर कंडम मकानाें काे ढहाकर उनकी जगह नए मकान बनाने की बात कही, लेकिन अब तक याेजना ठंड बस्ते में है। पुलिस विभाग द्वारा राज्य शासन काे नई काॅलाेनी के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है।

 

13 कराेड़ में 60 मकान बनाने का प्रस्ताव लंबित

डीएमएफ से 13 कराेड़ की लागत से 60 नए मकान बनाने का प्रस्ताव पुलिस विभाग ने प्रशासन काे भेजा, लेकिन 1 साल से प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। 6 माह पहले कलेक्टर रानू साहू ने काेतवाली परिसर का निरीक्षण किया था। तब उन्हाेंने ने भी काॅलाेनी के मकानाें के मरम्मत व नए मकान निर्माण के लिए अधिकारियाें काे निर्देश दिए थे।