
असम में रविवार को भगवान शिव और देवी पार्वती की वेशभूषा में दो कलाकारों ने महंगाई के विरोध में नुक्कड़ नाटक किया। दोनों कलाकारों ने इसी रूप में बाइक भी चलाई। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल समेत तमाम हिंदू संगठनों ने इसे देवी-देवताओं का अपमान बताकर केस दर्ज कराया, इस पर पुलिस ने कलाकारों काे गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई। कलाकारों का कहना है कि उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए ये क्रिएटिव तरीका आजमाया था।
असम के नागांव शहर में शनिवार को भगवान शिव और देवी पार्वती के रूप में दो कलाकार बुलेट पर सवार होकर निकले। उनकी बाइक का अचानक बीच रास्ते में पेट्रोल खत्म हो गया। इसे लेकर पार्वती बनी एक्ट्रेस शिव बने युवक से नाराज होने की एक्टिंग करती है। दोनों अपने एक्ट में रास्ते में बहस शुरू करने लगे और पेट्रोल पर शुरू हुई बहस देखते ही देखते बढ़ती महंगाई और आम आदमी की परेशानियों तक पहुंच गई।
शिव बने एक्टर का नाम ब्रिनिचा बोरा और पार्वती बनी एक्ट्रेस का नाम परिस्मिता दास है। उन्होंने पुलिस को बताया कि लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने ‘रचनात्मक विरोध’ का नाटक किया था। शिव बने ब्रिनिचा बोरा ने कहा कि कई लोग अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए भगवान शिव से प्रार्थना करते हैं। इसीलिए हम दोनों ने भगवान शिव और देवी पार्वती के रूप में लोगों को जागरूक करने की कोशिश की।
CM बोले- सिर्फ वेशभूषा बनाना कोई क्राइम नहीं
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- सिर्फ वेशभूषा बनाना कोई अपराध नहीं है। अगर कोई आपत्तिजनक बयान आता है, तो गलत है। भगवान शिव के रूप में प्रदर्शन कर रहे कलाकार को जमानत मिल गई है।









