
कोरबा। सरकारी मेडिकल काॅलेज (Government Medical College) में स्वास्थ्य कर्मियों की एक बड़ी लापरवाही उजगार हुई है. सड़क हादसे में घायल महिला की मौत अस्पताल में उपचार के दौरान होने के बाद बिना पंचनामा और पीएम के बाद ही उन्हें घर भेज दिया गया.
मृतका के परिजन शव लेकर जब अपने घर पहुंच गए और अंतिम संस्कार की तैयारी भी पूरी चुकी थी. कुछ देर बाद अंतिम संस्कार होना था, तब उन्हें वापस बुलाया गया. फिर पुलिसिया कार्रवाई संपन्न करानी पड़ी. मेडिकल काॅलेज के डीन ने इस लापरवाही की जांच कराने की बात कही है.
सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल में उपचार के दौरान अगर किसी की मौत हो जाती है, तो मर्ग पंचनामा की कार्रवाई करने के साथ ही पोस्ट मार्टम कराना जरुरी होता है, लेकिन कोरबा के सरकारी मेडिकल काॅलेज में एक महिला के मौत के मामले में बिना पुलिसिया कार्रवाई के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लाश परिजनों के सुपूर्द कर दिया.
बांगो थाना क्षेत्र के ग्राम सासीन में रहने वाली 55 वर्षीय सोनकुंवर अज्ञात वाहन की ठोकर से जमीन पर गिर गई थी. परिजनों ने उसे पहले पोड़-उपरोड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (community health center at Pod-Uproda) ले गए फिर वहां से उसे जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया. इस दौरान सोनकुंवर की मौत हो गई. मृतका की पुत्री हेमलता ने बताया कि अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने ही शव ले जाने को कहा था, जिसका उसने अनुसरण किया.
मेडिकल काॅलेज (medical college in korba) के अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों के इस लापरवाही को काफी गंभीरता से लिया है. उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में पहले एमएलसी लिखी जाती है. उसके बाद मौत होने पर पंचनामा के बाद पीएम कराया जाता है, जिस तरह से कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है उसकी जांच कराई जाएगी.
बहरहाल, अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. देखने वाली बात होगी कि जांच के दौरान किस तरह के तथ्य सामने आते हैं.











