knn24news/ स्वास्थ्य विभाग ने बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों के होम आइसोलेशन में इलाज और मॉनिटरिंग के लिए गाइडलाइन जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन में मरीजों की निगरानी कर रहे निजी अस्पतालाें, नर्सिंग होम्स और डॉक्टरों को निर्देशित किया है कि यह सुविधा प्राप्त कर रहे सभी लोगों की सूची और होम आइसोलेशन अवधि की समाप्ति की सूचना अनिवार्य रूप से जिले के सीएमएचओ और आईडीएसपी शाखा से साझा करें।
हाेम आइसाेलेट मरीजों से निर्धारित प्रपत्र में अंडर टेकिंग भरवाया जाएगा। इन्हें दवाइयों का एक किट भी दिया जाएगा। होम आइसोलेशन की संपूर्ण अवधि के दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियुक्त स्वास्थ्य कर्मी राेजाना डाॅक्टराें या उनके अटेंडेंट से फोन पर संपर्क में रहेंगे।
होम आईसोलेशन में रहने वाले जांच की सही रीडिंग बताएं
हाेम अाईसाेलेशन में रह रहे मरीजाें के काेविड अस्पतालाें में भर्ती करने की नाैबत अाने पर पता चला है कि पूर्व में गलत रीडिंग बताने से स्वास्थ्य गंभीर हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अाग्रह किया है कि हाेम अाइसाेलेट मरीज डाॅक्टराें काे अपने आक्सीजन लेवल, तापमान, पल्स की सही रीडिंग बताएं। होम आइसोलेशन के मरीजों को या जो उनकी देखभाल करता है उसे थर्मामीटर से तापमान लेना, पल्स ऑक्सीमीटर से आक्सीजन स्तर लेना और पल्स की रीडिंग लेना आना चाहिए जो कि बहुत सरल है। यह पल्स ऑक्सीमीटर के जरिए ली जाती है। उससे दिन में चार बार रीडिंग लेकर मोबाइल के जरिए ही उस चिकित्सक को भेजना है जो उन्हे एलॉट किया है।









