कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका क्षेत्र द्वारा ग्राम हरदीबाजार के विस्थापित परिवारों के लिए उतरदा में एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं आदर्श पुनर्वास एवं पुनर्वसन (R&R) टाउनशिप विकसित की जा रही है। यह टाउनशिप लगभग 46 हेक्टेयर अर्जित भूमि पर बसाई जा रही है, जिसे तकनीकी विशेषज्ञों एवं आर्किटेक्ट्स द्वारा मॉडल R&R साइट के रूप में डिज़ाइन किया गया है।
यह जानकारी एसईसीएल दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि पुनर्वास स्थल को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए एनटीपीसी रेलवे लाइन के समांतर लगभग 6.5 किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड के निर्माण का प्रस्ताव है। इससे टाउनशिप तक आवागमन सुगम, सुरक्षित एवं निर्बाध होगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
महाप्रबंधक ने बताया कि मॉडल R&R साइट के अंतर्गत प्रत्येक पात्र प्रभावित परिवार को 6 डिसमिल का आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराया जाएगा। यह परियोजना हरदीबाजार क्षेत्र के लिए एसईसीएल दीपका की अब तक की सर्वश्रेष्ठ पुनर्वास योजनाओं में से एक मानी जा रही है।
सभी बुनियादी सुविधाओं से लैस होगी टाउनशिप
RFCTLARR Act, 2013 के शेड्यूल-III के अनुरूप टाउनशिप में सभी आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इनमें सुव्यवस्थित आवासीय क्षेत्र, पार्क एवं हरित क्षेत्र, प्राथमिक एवं उच्चतर विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पताल, तहसील एवं पंचायत भवन, सामुदायिक व प्रशासनिक भवन, निरंतर विद्युत आपूर्ति हेतु सब-स्टेशन, बाजार एवं व्यावसायिक परिसर, खेल मैदान, तालाब एवं अन्य जल संरचनाएं, पुलिस थाना, साथ ही प्रमुख मार्ग एवं आंतरिक सड़कें शामिल हैं।
महाप्रबंधक संजय मिश्रा ने कहा कि इन सुविधाओं का उद्देश्य विस्थापित परिवारों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण जीवन-स्तर उपलब्ध कराना है। कोरबा जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इस R&R साइट को प्रदेश की एक आदर्श एवं मॉडल पुनर्वास परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो सामाजिक पुनर्वास और आधारभूत विकास के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि उतरदा पुनर्वास एवं पुनर्वसन स्थल का विस्तृत नक्शा एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी सहित 8×6 फीट आकार का बैनर ग्राम पंचायत कार्यालय एवं तहसील कार्यालय हरदीबाजार में आम जनता के अवलोकन हेतु लगाया गया है। इसके साथ ही ग्रामीणों को जानकारी देने के लिए मुनादी भी कराई गई है।









