Friday, October 30, 2026

Korba News: 18 कैरेट सोने को 22 कैरेट बताकर करते थे ठगी, गोल्ड लोन कंपनियों को भी बनाया निशाना; 4 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में कम कैरेट के सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों से धोखाधड़ी करने और गोल्ड लोन कंपनियों में आभूषण गिरवी रखकर ऋण लेने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर 18 और 20 कैरेट के सोने के आभूषणों को 22 कैरेट बताकर बेचने तथा गोल्ड लोन संस्थाओं में गिरवी रखने का आरोप है। पुलिस ने सोने के आभूषण, नकदी, डिजिटल तौल मशीन, बैंक जमा पर्ची और वारदात में इस्तेमाल हुंडई आई-10 कार जब्त की है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

22 कैरेट बताकर 18 कैरेट का लॉकेट बेचा, ₹45 हजार की ठगी

पुलिस के मुताबिक, ग्राम कोरबी धतुरा निवासी संजय श्रीवास (46) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के इंद्रेश साहू ने उसे 3.75 ग्राम वजन का सोने का लॉकेट 22 कैरेट का बताया था। इसकी कीमत करीब 49 से 50 हजार रुपये बताकर 45 हजार रुपये में बेचने की बात कही गई।

28 अक्टूबर 2026 को इंद्रेश अपने साथियों के साथ सफेद कार से घंटाघर कोरबा के पास पहुंचा और संजय से 45 हजार रुपये लेकर लॉकेट दे दिया। बाद में संजय ने दिव्य ज्वेलर्स में लॉकेट की जांच कराई तो उसकी शुद्धता 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट बताई गई। इसके बाद पीड़ित ने थाना सिविल लाइन रामपुर में शिकायत दर्ज कराई।

18 और 20 कैरेट के आभूषणों को 22 कैरेट बताने का आरोप

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपियों के कथनों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि वे आपस में संपर्क और समन्वय बनाकर सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री और आपूर्ति करते थे। आरोप है कि 18 या 20 कैरेट शुद्धता वाले आभूषणों को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचा जाता था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य विभिन्न गोल्ड लोन संस्थाओं में भी इन आभूषणों को गिरवी रखकर ऋण प्राप्त करते थे और इससे मिलने वाले आर्थिक लाभ का आपस में बंटवारा करते थे। विवेचना में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक, आईएफएल सहित अन्य वित्तीय संस्थाओं में आभूषण गिरवी रखने और ऋण लेने से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।

नकदी, सोने के आभूषण और कार जब्त

29 अक्टूबर को आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों के आधार पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में अलग-अलग सामग्री जब्त की। बरामदगी में शामिल हैं—

  • इंद्रेश कुमार साहू: 2,100 रुपये नकद और 40 हजार रुपये की एसबीआई एटीएम डिपॉजिट पर्ची।
  • लिलेश्वर सिन्हा: 1,000 रुपये नकद।
  • मनीष देवांगन: वारदात में इस्तेमाल हुंडई आई-10 कार क्रमांक CG05AE-8013।
  • आशीष गर्ग: दो सोने के लॉकेट (7.89 ग्राम), दो जोड़ी सोने की झुमकी (13.40 ग्राम, 20 कैरेट), दो महिला अंगूठियां (6.54 ग्राम, 20 कैरेट), एक पुरुष अंगूठी (3.80 ग्राम) और बैटरी से चलने वाली डिजिटल तौल मशीन।

कोरबा, रायपुर और दिल्ली से जुड़े हैं आरोपी

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके नाम और पते इस प्रकार हैं—

  1. इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम (31 वर्ष): ग्राम कोरबी धतुरा, थाना हरदीबाजार, जिला कोरबा।
  2. लिलेश्वर सिन्हा (52 वर्ष): पार्वती नगर, गुढ़ियारी, जिला रायपुर।
  3. मनीष देवांगन उर्फ राहुल (47 वर्ष): मैत्री विहार, सुंदरनगर, थाना डीडी नगर, जिला रायपुर।
  4. आशीष गर्ग उर्फ आशु (29 वर्ष): गौतम कॉलोनी, नरेला, दिल्ली।

पुलिस ने चारों को 29 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

हॉलमार्क और गोल्ड लोन लेन-देन की जांच जारी

इस मामले में थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 908/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब जब्त आभूषणों के वास्तविक स्रोत, हॉलमार्क की सत्यता, गोल्ड लोन कंपनियों में हुए लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।